Fleißiger Dorfbauer, der im Morgengrauen zu seinen Feldern geht
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एक गाँव में रामू नाम का गरीब किसान रहता था। उसके पास थोड़ी सी ज़मीन थी, लेकिन मेहनत बहुत थी। रोज़ सूरज निकलने से पहले वह खेत में काम करने चला जाता। सूखा पड़ा, फसल खराब हो गई, फिर भी रामू ने हिम्मत नहीं हारी। उसने ईमानदारी और धैर्य से मेहनत जारी रखी। एक साल अच्छी बारिश हुई और फसल लहलहा उठी। रामू ने कर्ज़ चुकाया और परिवार के चेहरे पर खुशी लौटी। उसकी मेहनत ने साबित किया कि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती। 🌾