Landwirt stellt sich einem weißen Geist im nächtlichen Feld
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अंधेरी बाड़ी की कहानी 🌾
एक गाँव में मोहन नाम का एक किसान रहता था। उसकी एक बाड़ी (खेत) गाँव से थोड़ी दूर थी। लोग कहते थे कि उस बाड़ी में रात को कुछ अजीब होता है, इसलिए कोई वहाँ नहीं जाता था।
एक रात फसल बचाने के लिए मोहन को खेत में रुकना पड़ा। आधी रात को अचानक उसे “छन… छन…” की आवाज़ सुनाई दी। उसने टॉर्च जलाई तो देखा—खेत के बीच एक सफेद साया खड़ा था।
मोहन डर गया, लेकिन हिम्मत करके बोला,
“कौन हो तुम?”
तभी वो साया धीरे-धीरे गायब हो गया और हवा में आवाज आई—
“जो मेहनत करता है, उसे कोई नुकसान नहीं पहुँचाता…”
अगली सुबह गाँव वालों ने देखा कि मोहन की फसल सबसे हरी-भरी थी।
उस दिन के बाद कोई भी उस बाड़ी से नहीं डरा।
लोग समझ गए कि वो कोई भूत नहीं,
बल्कि खेतों की रक्षा करने वाली आत्मा थी।