Zwei Kinder bereiten sich an einem eiskalten Wintermorgen auf den Aufbruch vor
Eingabeaufforderung
कड़कड़ाती ठंड का मौसम था। इतनी ठंड कि सूरज भी रजाई ओढ़कर निकलने का सोच रहा था ☃️
इसी ठंड में दो बच्चे—टिंकू और पिंकू—सुबह-सुबह Webcazador ऑफिस जाने के लिए तैयार हो रहे थे।
टिंकू ने कांपते हुए कहा,
“भाई पिंकू, आज तो ठंड कुछ ज़्यादा ही लग रही है, छुट्टी मिल जाती तो मज़ा आ जाता।”
पिंकू ने मफलर नाक तक खींचते हुए जवाब दिया,
“छुट्टी? Webcazador में? यहाँ तो ठंड में भी दिमाग गरम रखना पड़ता है!” 😂
दोनों ऑफिस के लिए निकले। रास्ते में हवा इतनी ठंडी थी कि लगा जैसे AC फुल स्पीड पर चल रहा हो।
टिंकू बोला,
“लगता है आज ठंड की भी overtime ड्यूटी है।”
ऑफिस पहुँचे तो देखा—सब कर्मचारी ऐसे बैठे हैं जैसे बर्फ के पुतले 🧊
कोई चाय से हाथ नहीं हटा रहा, कोई हीटर के आगे पूजा कर रहा है।
टिंकू ने मैनेजर से हिम्मत करके पूछ ही लिया,
“सर, आज ठंड बहुत ज़्यादा है… half day?”
मैनेजर मुस्कराए और बोले,
“Webcazador में ideas ठंड से नहीं रुकते!” 😎
बस फिर क्या था—
टिंकू और पिंकू ने कीबोर्ड पर ऐसे उंगलियाँ चलाईं जैसे अलाव ताप रहे हों 🔥
ठंड बाहर थी, लेकिन ऑफिस में हँसी और मस्ती का माहौल बन गया।
और दोनों ने मन ही मन सोचा—
“छुट्टी न सही, Webcazador की ठंड भी मज़ेदार है!” 😂