Hungriger Affe, der durch einen ruhigen grünen Wald streift
Eingabeaufforderung
शीर्षक: बंदर और सेब का पेड़
दृश्य 1: भटकता हुआ बंदर (3–4 मिनट)
एक जंगल में एक बंदर रहता था।
वह रोज़ जंगल में इधर-उधर भटकता रहता था।
उसे बहुत भूख लगी थी।
वह खुद से कहता है,
“काश मुझे कुछ मीठा खाने को मिल जाए।”
दृश्य 2: सेब का पेड़ मिलना (4–5 मिनट)
जंगल के अंदर जाते-जाते उसे एक सेब का पेड़ दिखता है।
पेड़ पर लाल-लाल सेब लगे होते हैं।
बंदर बहुत खुश हो जाता है।
वह पेड़ पर चढ़कर सेब तोड़ता है।
वह कहता है,
“वाह! कितने स्वादिष्ट सेब हैं।”
दृश्य 3: घर की ओर (3–4 मिनट)
बंदर सेब लेकर अपने घर की तरफ चलता है।
रास्ते में वह कई जानवरों को देखता है,
लेकिन रुकता नहीं है।
वह सोचता है,
“घर जाकर आराम से सेब खाऊँगा।”
दृश्य 4: सेब खाना (4–5 मिनट)
घर पहुँचकर बंदर सेब धोता है।
वह सेब खाता है और बहुत खुश होता है।
वह कुछ सेब बाद के लिए बचा लेता है।
दृश्य 5: दोस्त का आना (4–5 मिनट)
तभी उसका दोस्त वहाँ आ जाता है।
वह सेब देखकर लालच में आ जाता है।
वह पूछता है,
“ये सेब कहाँ से लाए हो?”
दृश्य 6: सेब चुराना (4–5 मिनट)
जब बंदर कहानी बता रहा होता है,
तभी दोस्त सारे सेब उठाकर भाग जाता है।
बंदर चिल्लाता है,
“रुको! ये मेरे सेब हैं!”
लेकिन दोस्त नहीं रुकता।
दृश्य 7: सीख (4–5 मिनट)
बंदर उदास हो जाता है।
लेकिन उसे एक सीख मिलती है।
वह कहता है,
“हर दोस्त सच्चा नहीं होता।”
अब वह अच्छे दोस्तों के साथ ही चीज़ें बाँटने का फैसला करता है।
कहानी की सीख:
लालच बुरी चीज़ है।
सच्चे दोस्त धोखा नहीं देते।