Weißes Kaninchen ruht neben einem Baum im stillen Wald
Eingabeaufforderung
एक जंगल था जहाँ एक सफेद खरगोश रहता था। वह अक्सर शाम को घूमने निकलता था। एक दिन, वह एक पेड़ के पास बैठा था, तभी एक बड़ा हरा सांप पेड़ के तने पर लिलिला रहा था। खरगोश ने सांप को देखा, लेकिन वह डरा नहीं। सांप भी खरगोश को देख रहा था, जैसे वह उसे जानना चाहता हो। दोनों कुछ देर तक ऐसे ही बैठे रहे, फिर सांप ने कहा, "तुम मुझसे डरते नहीं?" खरगोश ने कहा, "नहीं, मैं तुम्हें दोस्त मानता हूँ।" सांप मुस्कराया और बोला, "मैं भी तुम्हें दोस्त मानता हूँ।" और इस तरह दोनों दोस्त बन गए।