Mono hambriento y gato junto a una fogata en el bosque
Prompt
बंदर रहता था। उसी जंगल में एक सीधी-सादी बिल्ली भी रहती थी। एक दिन दोनों को बहुत भूख लगी। घूमते-घूमते उन्हें एक किसान के खेत में आग के पास भूने हुए चने दिखाई दिए।
बंदर ने बिल्ली से कहा,
“बिल्ली बहन, तुम्हारे पंजे बड़े नरम हैं। तुम आग से चने निकाल लो, हम दोनों मिलकर खा लेंगे।”
बिल्ली को बंदर की बात पर भरोसा हो गया। वह धीरे-धीरे आग के पास गई और पंजों से चने निकालने लगी। आग गरम थी, उसके पंजे जलने लगे, लेकिन बंदर हर बार जल्दी से चने उठा-उठाकर खाता रहा।
थोड़ी देर बाद सारे चने खत्म हो गए। बिल्ली के पंजे जल चुके थे और बंदर का पेट भर चुका था। बंदर हँसते हुए पेड़ पर चढ़ गया और बिल्ली को अकेला छोड़ दिया।
बिल्ली को तब समझ आया कि बंदर ने उसे बेवकूफ़ बनाया है।
सीख:
जो अपना काम निकलवाने के लिए दूसरों का इस्तेमाल करता है, वह सच्चा मित्र नहीं होता।