Dos monitos juntos en una calle concurrida de la ciudad
Prompt
एक छोटे से शहर की भीड़ भरी सड़कों पर
दो नन्हे बंदर भाई रहते थे…
उनकी दुनिया बहुत छोटी थी,
बस एक-दूसरे का साथ।
कभी उनकी भी माँ थी…
लेकिन एक दिन जंगल में वो उनसे बिछड़ गई।
तब से ये दोनों इंसानों के बीच जीने लगे।
कभी कोई दया से रोटी दे देता,
तो कभी कोई पत्थर मार देता।
फिर भी दोनों भाई हर दुख में साथ रहते।
एक रात छोटा भाई बीमार पड़ गया…
उसका शरीर कांप रहा था।
बड़ा भाई उसे अपने सीने से लगाकर बैठ गया,
जैसे कह रहा हो —
“डर मत… मैं हूँ ना…”
पूरी रात बीत गई…
लेकिन सुबह जब सूरज निकला,
तो छोटा भाई हमेशा के लिए सो चुका था।
बड़ा बंदर उसे हिलाता रहा…
पर वो नहीं उठा।
उसकी आँखों से आँसू बहते रहे,
और चारों तरफ इंसानों की भीड़ थी…
मगर वो पूरी दुनिया में अकेला था।
कुछ रिश्ते बोलते नहीं…
लेकिन उनका दर्द दिल तोड़ देता है। 💔