नन्हा बंदर चीकू रोज़ जंगल में शरारत करता था। एक दिन उसने उदास तोते को पेड़ पर चुप बैठे देखा। चीकू ने पूछा, “तुम दुखी क्यों हो?” तोते ने कहा, “मैं उड़ना भूल गया हूँ।” चीकू ने हिम्मत बढ़ाई और कहा, “डर छोड़ो, मैं तुम्हारे साथ हूँ।” दोनों ऊँची डाल पर चढ़े। हवा चली, पंख फड़फड़ाए, और तोता फिर से उड़ गया। खुशी से उसने चीकू को धन्यवाद दिया। चीकू समझ गया कि सच्चा दोस्त वही होता है जो मुश्किल में साथ दे। दोनों हँसते हुए इंद्रधनुष की ओर उड़ चले।