Hombre mayor caminando solo por un pueblo silencioso
Prompt
एक शांत गाँव में एक बूढ़े दादाजी अकेले रहते थे।
हर सुबह वे मंदिर जाते और रास्ते में एक शरारती बंदर उनसे फल छीन लेता।
पहले दादाजी नाराज़ होते, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने उसके लिए एक केला रखना शुरू कर दिया।
एक दिन दादाजी बीमार पड़ गए और मंदिर नहीं जा सके।
अगली सुबह वही बंदर उनके दरवाज़े पर केला छोड़कर चला गया।
दादाजी मुस्कुराए…
उन्हें समझ आ गया — दया हमेशा लौटकर आती है।