Paysan pauvre travaillant dur dans un champ d’un petit village
Prompt
एक गरीब किसान की कहानी
रामू एक गरीब किसान था। वह एक छोटे से गाँव में रहता था। उसके पास थोड़ी-सी जमीन थी, जिस पर वह मेहनत करके फसल उगाता था। बारिश ठीक हो तो फसल अच्छी होती, लेकिन अगर मौसम खराब हो जाए तो उसकी सारी मेहनत बेकार हो जाती। फिर भी रामू कभी हार नहीं मानता था।
हर सुबह सूरज निकलने से पहले वह खेतों में चला जाता। हल चलाता, बीज बोता और फसलों की देखभाल करता। उसके पास आधुनिक मशीनें नहीं थीं, फिर भी वह अपने हाथों और पसीने से जमीन को सींचता था। उसकी पत्नी और बच्चे भी उसका साथ देते थे। वे सादा जीवन जीते थे, लेकिन एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे।
एक साल भयंकर सूखा पड़ा। फसल नष्ट हो गई और घर में खाने तक की कमी हो गई। रामू बहुत दुखी हुआ, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। उसने मजदूरी भी की और साथ-साथ अगली फसल की तैयारी करता रहा। उसने सोचा कि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती।
अगले साल अच्छी बारिश हुई। रामू की फसल लहलहाने लगी। खेत हरे-भरे हो गए। उसकी मेहनत रंग लाई और उसे अच्छी पैदावार मिली। उसने कर्ज चुकाया और अपने बच्चों को स्कूल भेजा।