Singe cartoon habillé comme un humain marchant dans une rue de ville
Prompt
एक छोटे से शहर में एक बंदर रहता था, उसका नाम बमरिया था।
बमरिया जंगल से अलग, इंसानों के बीच रहना चाहता था।
वह रोज़ लोगों को देखता—उनके कपड़े, चाल-ढाल और बातें।
एक दिन उसने तय किया,
“मैं भी इंसानों जैसा बनूँगा।”
उसने घुटे-मुटे कपड़े पहन लिए—शर्ट, पैंट और टोपी।
जब वह गली में निकला, लोग उसे देखकर हँसने लगे।
बमरिया को समझ आ गया—इंसानों की दुनिया आसान नहीं।