दो बंदर अच्छे दोस्त थे। एक दिन उन्हें सिर्फ एक ही केला मिला।
पहला बंदर बोला, “मैं बड़ा हूँ, केला मेरा!”
दूसरा बोला, “मैं भूखा हूँ, केला मेरा!”
दोनों लड़ने लगे। तभी एक बूढ़ा बंदर आया।
उसने केला तोड़ा—आधा-आधा किया और दोनों को दे दिया।
दोनों शर्मिंदा हुए और फिर दोस्त बन गए। 😊
सीख: बाँटने से दोस्ती बचती है।
अगर चाहें तो मैं इन्हें और मज़ेदार, या बच्चों के लिए और आसान भाषा में भी लिख सकता हूँ।