Pauvre paysan prenant soin avec douceur de sa vache bien-aimée
Prompt
एक छोटे-से गाँव में एक गरीब किसान रहता था। उसके पास ज़्यादा धन-दौलत नहीं थी, लेकिन उसके आँगन में एक गाय थी, जो उसे अपनी जान से भी ज़्यादा प्यारी थी। वह गाय किसान के लिए सिर्फ़ जानवर नहीं, बल्कि परिवार का सदस्य थी।किसान रोज़ सुबह सूरज निकलने से पहले उठता। सबसे पहले वह अपनी गाय को चारा खिलाता, साफ पानी देता और प्यार से उसका सिर सहलाता। फिर वह दूध निकालता, जिससे उसके घर का गुज़ारा चलता। गाय भी किसान की मेहनत और प्यार समझती थी, इसलिए वह रोज़ स्वच्छ और भरपूर दूध देती थी।
कभी-कभी किसान के घर अनाज भी कम पड़ जाता था, लेकिन वह अपनी गाय के खाने में कभी कमी नहीं करता। वह कहता था,
“अगर मेरी गाय खुश है, तो मेरा घर भी खुश रहेगा।”
एक दिन किसान बहुत बीमार पड़ गया। कई दिनों तक वह उठ नहीं सका। गाय उसे रोज़ दरवाज़े पर बैठकर देखती रहती, मानो उसके ठीक होने की दुआ कर रही हो। उन दिनों गाय ने कम दूध दिया, जैसे वह अपने मालिक का दुःख समझ रही हो।
जब किसान ठीक हुआ, तो उसने गाय को गले लगाकर धन्यवाद दिया। उसकी आँखों में आँसू थे। उस दिन गाय ने पहले से भी ज़्यादा दूध दिया, मानो वह कह रही हो—
“मैं तुम्हारे साथ हूँ।”
गरीब किसान और उसकी प्यारी गाय
एक छोटे-से गाँव में एक गरीब किसान रहता था। उसके पास ज़्यादा धन-दौलत नहीं थी, लेकिन उसके आँगन में एक गाय थी, जो उसे अपनी जान से भी ज़्यादा प्यारी थी। वह गाय किसान के लिए सिर्फ़ जानवर नहीं, बल्कि परिवार का सदस्य