Garçon de village pieds nus marchant seul vers l’école
Prompt
एक छोटे से गाँव में राहुल नाम का एक गरीब लड़का रहता था। उसके पिता मेहनत-मज़दूरी करते थे और माँ घरों में काम करती थीं। घर में पैसे कम थे, लेकिन राहुल के सपने बहुत बड़े थे।
राहुल के पास पुराने कपड़े थे, कई जगह से सिले हुए। जूते तो उसके पास थे ही नहीं। वह नंगे पैर ही स्कूल जाता था। जब वह दूसरे बच्चों को अच्छे कपड़े और जूते पहनकर देखता, तो उसके मन में भी इच्छा होती— “काश, मैं भी साफ कपड़े और जूते पहन सकूँ।”