Une mère et son enfant partageant un repas tranquille dans la cuisine
Prompt
शीर्षक: हल्क का सुकून
एक दिन हल्क खाना खाने बैठा था। मम्मी ने प्यार से कहा,
“हल्क, पहले हाथ धो लो और मोबाइल साइड में रख दो।”
हल्क को गुस्सा आ गया।
“मम्मी! आप हर समय टोकती क्यों रहती हो? मैं छोटा बच्चा नहीं हूँ!”
मम्मी चुप हो गईं और धीरे से बोलीं,
“ठीक है बेटा, जैसा तुम्हें ठीक लगे…”
हल्क गुस्से में खाना छोड़कर अपने कमरे में चला गया।
थोड़ी देर बाद उसे भूख भी लग रही थी और मन भी बेचैन था। घर में अजीब सी खामोशी थी… मम्मी की आवाज नहीं आ रही थी।
हल्क बाहर आया तो देखा, मम्मी किचन में चुपचाप बैठी थीं। उनकी आँखों में आँसू थे।
हल्क का दिल पिघल गया। वह धीरे से मम्मी के पास गया और बोला,
“सॉरी मम्मी… मुझे आपसे ऐसे बात नहीं करनी चाहिए थी।”
मम्मी मुस्कुराईं और उसे गले लगा लिया,
“माँ तो बस अपने बच्चे का ख्याल रखती है, बेटा।”
हल्क ने मम्मी के साथ बैठकर फिर से खाना खाया।
उस दिन उसे समझ आया —
असल सुकून माँ के प्यार में ही होता है।
अगर चाहो तो मैं इसे रील/शॉर्ट वीडियो के लिए फिल्मी डायलॉग स्टाइल में भी बना