Singe, perroquet et colombe amis dans une forêt verte
Prompt
बंदर, तोता और कबूतर की दोस्ती
एक हरे-भरे जंगल में एक शरारती बंदर, एक बुद्धिमान तोता और एक शांत कबूतर रहते थे। तीनों बहुत अच्छे दोस्त थे, लेकिन उनकी सोच और आदतें एक-दूसरे से बिल्कुल अलग थीं।
बंदर को हमेशा खेलना और मज़ाक करना पसंद था। तोता हर बात को ध्यान से सोचता और सही सलाह देता था। कबूतर बहुत दयालु था और हमेशा सबकी मदद करता था।
एक दिन जंगल में भयंकर गर्मी पड़ने लगी और सभी जानवर पानी के लिए परेशान हो गए। नदी सूख चुकी थी और कहीं पानी नहीं मिल रहा था।
बंदर बोला,
“चलो, हम पहाड़ के पास वाले पेड़ तक चलते हैं, शायद वहाँ पानी मिल जाए।”
तोता बोला,
“जल्दी मत करो, पहले सोच लो। अगर हम रास्ता भटक गए तो मुश्किल हो जाएगी।”
कबूतर ने कहा,
“मैं ऊपर से उड़कर देखता हूँ कि कहीं पानी है या नहीं।”
कबूतर उड़कर गया और थोड़ी दूर पर एक छोटा सा तालाब देखा। वह तुरंत वापस आया और दोनों दोस्तों को वहाँ ले गया।
तालाब का पानी बहुत कम था। बंदर बोला,
“मैं पहले पीऊँगा!”
तोता बोला,
“नहीं, हमें बारी-बारी पीना चाहिए, ताकि सबको पानी मिल सके।”
कबूतर ने समझदारी से कहा,
“अगर हम मिलकर काम करेंगे तो सब बचेंगे।”
तीनों ने बारी-बारी से पानी पिया और बाकी जानवरों को भी बुलाया। सभी जानवरों को पानी मिल गया और सब बहुत खुश हुए।
उस दिन बंदर ने समझा कि केवल मस्ती से नहीं, बल्कि समझदारी और सहयोग से ही मुश्किलें दूर होती हैं।