Contadino laborioso che cammina verso i campi all’alba
Prompt
ज़रूर भाई, 100 शब्दों के अंदर कहानी:
रामू एक गरीब किसान था। वह रोज़ सुबह खेतों में काम करने जाता। धूप हो या बारिश, वह मेहनत से पीछे नहीं हटता। उसके हाथ मिट्टी से सने रहते और चेहरे पर थकान साफ दिखती थी।
रामू का एक दोस्त श्याम था, जो उसके साथ ही खेतों में काम करता था। दोनों मिलकर हल चलाते, बीज बोते और फसल की देखभाल करते। जब खाना कम होता, तो दोनों आधी-आधी रोटी बाँट लेते।
गरीबी थी, लेकिन उनकी दोस्ती और मेहनत सच्ची थी।
अगर चाहो तो मैं इसे और भी छोटा या ज़्यादा emotional बना दूँ 🙂