एक हरे-भरे जंगल में एक कबूतर और उसकी कबूतरी रहते थे।
दोनों रोज़ साथ उड़ते, दाना चुगते और बहुत खुश रहते थे।
एक दिन उसी पेड़ पर एक तोता आकर बैठा।
तोते ने मुस्कराकर कहा,
“क्या मैं भी तुम्हारा दोस्त बन सकता हूँ?”
कबूतर और कबूतरी बहुत खुश हुए।
उन्होंने कहा,
“दोस्ती में कोई भेद नहीं होता, तुम हमारे दोस्त हो।”
अब तीनों रोज़ साथ उड़ते, खेलते और एक-दूसरे की मदद करते।
जब बारिश आई, तो तीनों ने मिलकर पत्तों के नीचे शरण ली।
जब धूप निकली, तो तीनों खुशी-खुशी आसमान में उड़ गए।
सीख:
👉 सच्ची दोस्ती साथ और मदद का नाम है।