-भरे जंगल की गहराइयों में, जहाँ धूप पत्तों से छनकर ज़मीन को चूमती थी, वहीं एक पेड़ की मोटी डाल पर बैठा था एक नन्हा बिल्ली का बच्चा। उसकी आँखें बड़ी-बड़ी और चमकदार थीं, मानो उनमें पूरा जंगल समाया हो। सब उसे “मिट्टू” कहते थे।
मिट्टू अकेला था। किसी को नहीं पता था कि वह जंगल में कैसे आया, लेकिन जंगल ने उसे अपना लिया था। चिड़ियाँ उसे कहानियाँ सुनातीं, तितलियाँ उसके साथ खेलतीं और पेड़ उसे हवा में झुलाते। हर सुबह वह उसी डाल पर बैठकर सूरज को उगते देखता और सपने बुनता—
सपने किसी अपने के,
सपने एक घर के।
एक दिन तेज़ बारिश आई। जंगल काँप उठा। मिट्टू डर गया, उसकी नन्ही टाँगें काँपने लगीं। तभी एक बूढ़ा पेड़ धीमे से बोला,
“डर मत छोटे, जो दिल से अच्छा होता है, वह कभी अकेला नहीं रहता।”
बारिश थमी। उसी शाम जंगल में एक छोटी बच्ची आई, जो रास्ता भटक गई थी। मिट्टू ने उसकी उदास आँखें देखीं। वह धीरे से डाल से उतरा और उसके पास बैठ गया। बच्ची मुस्कुरा दी। पहली बार किसी ने मिट्टू को गोद में उठाया।
उस दिन से मिट्टू को घर मिल गया…
और बच्ची को एक सच्चा दोस्त।
जंगल आज भी है, पेड़ आज भी खड़े हैं,
लेकिन उस डाल पर अब भी कभी-कभी
एक नन्हा सितारा बैठकर मुस्कुराता है—
यह याद दिलाने के लिए कि
प्यार रास्ता ढूँढ ही लेता है। ✨🐱
अगर चाहो तो मैं इसे
बच्चों की कहानी बना दूँ
वीडियो स्टोरी का स्क्रिप्ट बना दूँ
या और भावुक / छोटा वर्ज़न लिख दूँ