एक छोटे से गाँव में मोहन नाम का एक मेहनती किसान रहता था। वह रोज सुबह सूरज निकलने से पहले खेतों में चला जाता और देर शाम तक काम करता। एक साल गाँव में भयंकर सूखा पड़ गया। फसलें सूखने लगीं और लोग निराश हो गए। लेकिन मोहन ने हिम्मत नहीं हारी। उसने कुआँ खोदने का निश्चय किया। कई दिनों की मेहनत के बाद आखिर पानी निकल आया। पूरे गाँव को पानी मिला और फसलें बच गईं। सबने मोहन की लगन और साहस की प्रशंसा की। उसकी मेहनत ने सिखाया कि धैर्य और परिश्रम से हर कठिनाई जीती जा सकती