"नमस्ते! मेरा नाम हिमांशी है। आज मैं हमारे आराध्य, पीपा क्षत्रिय दर्जी समाज के गौरव, श्री पीपाजी महाराज की प्रेरणादायक कहानी सुनाने जा रही हूँ। श्री पीपाजी महाराज एक वीर क्षत्रिय राजा थे। उनके पास धन, वैभव और राजसत्ता सब कुछ था, लेकिन उनके मन में भगवान के प्रति सच्ची भक्ति थी। उन्होंने राज-पाट का त्याग करके संतों का मार्ग अपनाया और प्रेम, सेवा, सत्य तथा मानवता का संदेश दिया। उन्होंने सिखाया कि इंसान की पहचान उसके अच्छे कर्म, विनम्रता और भक्ति से होती है। आज भी पीपा क्षत्रिय दर्जी समाज उन्हें अपना आराध्य और गौरव मानता है। आइए, हम भी उनके बताए सत्य, सेवा और भक्ति के मार्ग पर चलने का संकल्प लें। जय श्री पीपाजी महाराज!"