एक घने जंगल में मोनू नाम का एक छोटा सा बंदर रहता था। जंगल के सारे जानवर उसे पसंद तो करते थे, लेकिन अक्सर कहते थे कि बंदर सिर्फ कूदता-फांदता है, काम नहीं करता।
मोनू को यह बात बहुत बुरी लगती थी।
एक दिन तेज़ बारिश और तूफ़ान आया। कई जानवरों के घर टूट गए। मोनू ने सोचा,
“अगर मैं मेहनत करूँ, तो मैं भी कुछ कर सकता हूँ।”
अगले ही दिन से मोनू ने मेहनत शुरू कर दी।
वह रोज़ सुबह जल्दी उठता, जंगल से लकड़ियाँ लाता, पत्ते इकट्ठा करता और धीरे-धीरे एक मज़बूत और सुंदर घर बनाने लगा।
उसके हाथों में छाले पड़ गए, लेकिन उसने हार नहीं मानी।
कई दिनों की मेहनत के बाद मोनू ने अपना घर पूरा कर लिया।
जब फिर से बारिश आई, मोनू का घर सुरक्षित रहा। दूसरे जानवर यह देखकर हैरान रह गए।