Agricultor pobre trabalhando com bois em um campo da vila
Prompt
एक गाँव में रामू नाम का एक गरीब किसान रहता था।
रामू के पास छोटा सा खेत था। हर सुबह वह सूरज निकलने से पहले उठ जाता, बैलों को लेकर खेत में जाता और दिनभर मेहनत करता। कभी वह हल चलाता, कभी बीज बोता और कभी पौधों को पानी देता।
गर्मी हो या सर्दी, रामू कभी काम से पीछे नहीं हटता था। गाँव वाले कहते थे, "मेहनत कभी बेकार नहीं जाती।"
एक साल उसकी फसल बहुत अच्छी हुई। रामू ने अनाज बेचा, घर की हालत सुधरी और उसके चेहरे पर पहली बार सच्ची मुस्कान आई।
सीखः मेहनत और धैर्य से गरीब इंसान भी अपनी जिंदगी बदल सकता है।