एक छोटे से गाँव में आरव अपनी दादी के साथ रहता था। दादी उसे रोज़ रात को सोने से पहले एक नई कहानी सुनाती थीं।
एक दिन आरव ने पूछा, “दादी, आपकी सबसे बड़ी खुशी क्या है?”
दादी मुस्कुराईं और बोलीं, “मेरी सबसे बड़ी खुशी तुम हो, बेटा।”
अगले दिन दादी की तबीयत थोड़ी खराब थी। आरव ने स्कूल से लौटकर उनके लिए पानी लाया, खाना खिलाया और उनके पास बैठकर कहानी सुनाने लगा।
दादी ने प्यार से पूछा, “आज कहानी कौन सुनाएगा?”
आरव मुस्कुराया, “आज आपकी बारी नहीं दादी, आज मैं आपको कहानी सुनाऊँगा।”
दादी की आँखों में खुशी के आँसू आ गए।
उन्होंने आरव को गले लगाकर कहा, “जिस प्यार से हम बच्चों को बड़ा करते हैं, वही प्यार एक दिन हमारे पास लौटकर आता है।”
सीख: दादी-पोते का रिश्ता प्यार, संस्कार और यादों से बना एक अनमोल रिश्ता होता है। ❤️