Einsamer Affe steht wachsam im stillen, tiefen Wald
Eingabeaufforderung
जंगल में अकेला बंदर 🐒🦁
घने और शांत जंगल के बीच एक छोटा-सा बंदर रहता था। उसका नाम चीकू था। बाकी बंदरों का झुंड बहुत पहले ही इस जंगल को छोड़कर चला गया था, लेकिन चीकू यहीं रह गया। दिन भर पेड़ों पर उछलना, फल ढूँढना और खुद से बातें करना ही उसकी दुनिया थी।
एक दिन जंगल कुछ ज़्यादा ही शांत था। न पक्षियों की आवाज़, न पत्तों की सरसराहट। तभी अचानक चीकू ने पीछे से भारी साँसों की आवाज़ सुनी।
उसने जैसे ही पलटकर देखा—उसकी आँखें डर से फैल गईं 😨
पीछे खड़ा था जंगल का राजा 🦁 शेर।
उसकी पीली आँखें सीधे चीकू पर टिकी थीं और उसके पंजे धीरे-धीरे ज़मीन को दबा रहे थे।
चीकू की जान हलक में आ गई।
वो बिना सोचे-समझे दौड़ पड़ा।
जंगल की पगडंडी पर धूल उड़ने लगी, लताएँ टूटने लगीं। चीकू आगे भाग रहा था और शेर पूरी ताकत से उसका पीछा कर रहा था।
“आज तो गया!” चीकू मन ही मन चिल्लाया।
भागते-भागते उसे एक बड़ा पेड़ दिखा, जिसकी जड़ें ज़मीन से बाहर निकली हुई थीं। आख़िरी ताकत लगाकर चीकू उस पेड़ पर चढ़ गया। शेर नीचे आकर ज़ोर से दहाड़ा, लेकिन ऊँचाई तक नहीं पहुँच सका।
कुछ देर बाद शेर हार मानकर जंगल के अंदर गायब हो गया।
चीकू काँपते हुए पेड़ पर बैठा था, लेकिन उसकी आँखों में अब डर नहीं—हिम्मत थी।
उस दिन चीकू ने सीखा कि
👉 अकेला होने का मतलब कमज़ोर होना नहीं होता
👉 समझदारी और हिम्मत से हर मुश्किल से बचा जा सकता है