Affe Monu im armen Dorfhaus in zerrissener Kleidung
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कहानी: “दूधवाला बंदर मोनू”
एक छोटे से गाँव में मोनू नाम का एक बंदर रहता था।
मोनू जंगल में नहीं, बल्कि एक गरीब आदमी के टूटे-फूटे घर में रहता था। उस आदमी ने कभी मोनू को भूखा नहीं रहने दिया, इसलिए मोनू भी उसी घर का सदस्य बन गया।
मोनू के पास नए कपड़े नहीं थे।
वह फटे-पुराने कपड़े पहनता, लेकिन उसका दिल बहुत साफ़ था।