Zwei verspielte Affen, die Menschen in einem Dorf necken
Eingabeaufforderung
"देखो, ये इंसान कितनी बातें करते हैं!"
मीकू हँसते हुए बोला,
"हाँ, और कोई भी पेड़ पर नहीं चढ़ रहा।"
थोड़ी देर बाद एक बुज़ुर्ग इंसान ने उन्हें केला दिया। दोनों बंदर खुशी से उछल पड़े और केले खाने लगे। इंसान भी उनकी शरारतें देखकर मुस्कुराने लगे।
फिर चीकू ने एक बच्चे की टोपी पहन ली और मीकू ने उसकी नकल की। सब लोग ज़ोर-ज़ोर से हँसने लगे। गाँव के बच्चों ने उनके साथ खेलना शुरू कर दिया।
शाम होने पर चीकू बोला,
"आज हमने नए दोस्त बना लिए!"
मीकू ने सिर हिलाया और कहा,
"हाँ, इंसान भी अच्छे होते हैं, अगर उनसे प्यार से मिला जाए।"
दोनों बंदर सबको अलविदा कहकर वापस जंगल लौट गए। उस दिन से वे अक्सर गाँव आते, अपने दोस्तों से मिलते और सबको हँसी-खुशी बाँटते।
सीख: प्यार और दोस्ती भाषा नहीं, दिल से समझी जाती है।