रामलाल एक गरीब किसान था। उसके पास थोड़ी-सी जमीन थी, जिस पर वह अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। वह रोज़ सुबह जल्दी उठकर खेत में काम करने चला जाता। धूप हो या बारिश, रामलाल मेहनत करने से कभी नहीं घबराता था। कई बार फसल खराब हो जाती, लेकिन वह निराश नहीं होता। एक साल उसने पूरे मन से खेती की। समय पर बीज बोए और खेत की देखभाल की। उसकी मेहनत रंग लाई और फसल बहुत अच्छी हुई। उसे अच्छा लाभ मिला और उसका जीवन थोड़ा सुखमय हो गया।