गाँव के चौराहे पर दो दुकानें थीं।
एक तरफ कालू की नींबू पानी की दुकान,
दूसरी तरफ पप्पू की गन्ने के जूस की दुकान।
सुबह होते ही कालू चिल्लाता —
👉 “आ जाओ भइया! ठंडा-ठंडा नींबू पानी, दिमाग भी ठंडा, दिल भी ठंडा!” 😄
पप्पू तुरंत जवाब देता —
👉 “अरे छोड़ो ये पानी-वानी! गन्ने का जूस पियो, सीधा ताकत आए शरीर में!” 💪
ग्राहक हँसते, कोई इधर जाता, कोई उधर।
एक दिन बहुत तेज़ गर्मी पड़ी।
एक ग्राहक आया और बोला —
“भाई, दोनों में क्या फर्क है?”
कालू बोला —
👉 “मेरा नींबू पानी सस्ता है, प्यास बुझाता है।”
पप्पू बोला —
👉 “मेरा जूस महँगा है, पर पेट भी भरता है।”
ग्राहक हँसकर बोला —
👉 “तो पहले नींबू पानी, फिर गन्ना!” 😆
उस दिन दोनों की दुकान खूब चली।
शाम को दोनों बैठे और हँसते हुए बोले —
“लड़ाई से कुछ नहीं, साथ में कमाई ज़्यादा।”
उस दिन से दोनों ने बोर्ड लगा दिया —
🪧 “पहले ठंडक, फिर ताकत — सामने-सामने