एक समय की बात है, पहाड़ों और जंगलों के बीच बसे एक छोटे से गाँव में अजीब से बच्चे रहते थे। वे दिखने में इंसान थे, पर उनकी हरकतें बिल्कुल बंदरों जैसी थीं। वे पेड़ों पर फुर्ती से चढ़ जाते, छतों से छतों पर कूदते, और छोटी-छोटी चीज़ों पर खिलखिलाकर हँसते। गाँव वाले उन्हें “बंदर बच्चे” कहते थे, पर सच तो यह था कि वे दिल से बहुत मासूम थे।