एक छोटे से शहर में दो बंदर के बच्चे रहते थे, जिनका नाम मोनू और सोनू था। वे गलती से अपने जंगल से बिछड़कर इंसानों के बीच आ गए थे। शुरू में लोग उनसे डरते थे, लेकिन धीरे-धीरे सब उन्हें पसंद करने लगे। मोनू और सोनू बच्चों के साथ खेलते, पेड़ों पर चढ़ते और घरों की छतों पर मस्ती करते। एक दयालु बूढ़ी अम्मा उन्हें रोज़ केले खिलाती थीं। इंसानों के बीच रहते हुए भी वे अपनी आज़ादी और शरारत नहीं भूले।