एक गाँव में रामू नाम का गरीब किसान रहता था। उसके पास बस एक छोटा सा खेत था। दिन-रात मेहनत करता, लेकिन फिर भी पेट भर खाना मुश्किल था। एक साल सूखा पड़ा,
फसल बर्बाद हो गई। हार मानने के बजाय रामू ने दूसरे गाँव जाकर मजदूरी की, पैसे बचाए,
और फिर से खेत में मेहनत शुरू की। धीरे-धीरे उसकी मेहनत रंग लाई और एक दिन वो आत्मनिर्भर किसान बन गया।