एक बाँदर पेड़ पर बैठकर मज़े से केला खा रहा था। हवा हल्की-हल्की चल रही थी, और वह बहुत खुश था। तभी अचानक उसका हाथ फिसल गया और वह नीचे गिर पड़ा।
गिरते ही बाँदर थोड़ा घबरा गया, लेकिन उसने जल्दी से उठकर इधर-उधर देखा—कोई देख तो नहीं रहा! फिर वह खुद ही हँसने लगा और बोला, “अरे, अगली बार ध्यान से बैठना पड़ेगा!”
उस दिन के बाद से बाँदर पेड़ पर और संभलकर बैठने लगा, और हर काम सोच-समझकर करने लगा। 😊