यह Promax real style में कहानी है — ज़्यादा गहराई और सच्चाई के साथ:
भाई भाई राम नाम, जिसे लोग प्यार से रामू कहते थे, गाँव की धड़कन था। सुबह चार बजे उठकर वह दूसरों के खेतों में मजदूरी करता और शाम को अपने घर की जिम्मेदारी निभाता। पिता के गुजरने के बाद घर की हालत कमजोर हो गई थी, लेकिन रामू ने हार नहीं मानी। माँ की दवाइयों और बहन की पढ़ाई के लिए उसने अपने सपनों को पीछे रख दिया।