एक दिन की बात है। दिल्ली में बारिश हो रही थी और संसद के पास एक पुरानी-सी चाय की दुकान पर दो जाने-माने चेहरे आमने-सामने बैठे थे—नरेंद्र मोदी और लालू प्रसाद यादव।
मोदी जी ने मुस्कुराते हुए कहा,
“लालू जी, आज चाय कुछ ज़्यादा ही तेज़ लग रही है।”
लालू जी हँस पड़े, चश्मा ठीक करते हुए बोले,
“अरे मोदी जी, तेज़ तो आप भी कम नहीं बोलते! चाय तो बस बहाना है, असली मज़ा तो गपशप में है।”