एक गाँव में रामू नाम का एक मेहनती किसान रहता था। वह रोज़ सुबह अपने खेत में काम करने चला जाता था। उसके खेत के पास ही एक बड़ा सा जंगल था, जहाँ कई बंदर रहते थे। एक दिन रामू खेत में अनाज की बोरियाँ रखकर पेड़ के नीचे आराम करने लगा। तभी एक शरारती बंदर आया और चुपके से एक बोरी उठा ले गया।
रामू ने बंदर को देख लिया और उसके पीछे-पीछे जंगल में चला गया। बंदर एक पेड़ पर चढ़ गया और किसान का मज़ाक उड़ाने लगा। रामू ने गुस्सा करने के बजाय बुद्धि से काम लिया। उसने ज़मीन पर कुछ फल रख दिए और दूर हट गया। फल देखकर बंदर लालच में आ गया और बोरी छोड़कर नीचे उतर आया।
रामू ने अपनी बोरी वापस ले ली। जाते-जाते उसने बंदर से कहा, “चालाकी से काम करने वाला हमेशा जीतता है।” बंदर को अपनी गलती समझ आ गई और उसने फिर कभी चोरी न करने का वादा किया।