Video गाँव के किनारे एक बड़ा पेड़ था। उसी पेड़ की छाया में एक छोटा भूरा कुत्ता रोज आकर बैठता था। उसका नाम किसी ने नहीं रखा था, लेकिन गाँव के बच्चे उसे प्यार से शेरू कहते थे।
शेरू हर दिन वहाँ बैठकर दूर खेतों और रास्ते को देखता रहता था। उसे ऐसा लगता था जैसे वह पूरे गाँव का रखवाला हो। अगर कोई अनजान आदमी आता, तो वह तुरंत खड़ा होकर भौंकने लगता।
एक दिन दोपहर में जब सब लोग अपने-अपने घरों में थे, तभी खेत की तरफ से एक साँप रास्ते की ओर आने लगा। शेरू ने तुरंत जोर-जोर से भौंकना शुरू कर दिया। उसकी आवाज सुनकर पास के लोग बाहर आए और सावधान हो गए।
उस दिन सबको समझ आया कि छोटा-सा शेरू सिर्फ पेड़ की छाया में आराम नहीं करता, बल्कि पूरे गाँव की चुपचाप रखवाली करता है।
उसके बाद से गाँव के लोग उसे सिर्फ कुत्ता नहीं, बल्कि गाँव का छोटा हीरो कहने लगे। 🐕✨ Video bhej Sir 🙏