एक छोटी-सी मुर्गी थी। उसका नाम चिंकी था। चिंकी बहुत मेहनती और बहादुर मुर्गी थी। एक दिन उसने घोंसले में बैठकर अंडा देने की कोशिश की।
जब अंडा बाहर आया तो वह बहुत बड़ा था। चिंकी खुद छोटी थी, इसलिए बाकी मुर्गियाँ और जानवर हैरान हो गए। सब सोचने लगे कि इतनी छोटी मुर्गी ने इतना बड़ा अंडा कैसे दिया।
चिंकी मुस्कुराई और बोली, “आकार से कुछ नहीं होता। दिल बड़ा होना चाहिए।” वह रोज़ अच्छा दाना खाती थी, साफ पानी पीती थी और स्वस्थ रहती थी। इसलिए उसका अंडा भी बड़ा और मजबूत निकला।