एक दिन एक कुट्टा बिल्कुल इंसानों की तरह अकड़ दिखाते हुए सब्ज़ी मंडी पहुँचा। उसकी नज़र सीधी आमों की दुकान पर गई। उसने इधर-उधर देखा, जैसे कोई शातिर चोर देखता है, फिर मौका पाते ही एक रसदार आम मुँह में दबाया और फुर्र से भाग लिया।
दुकानदार चिल्लाया,
“अरे! पकड़ो-पकड़ो! ये तो पूरा प्रोफेशनल चोर है!”
पूरा बाज़ार उसके पीछे दौड़ पड़ा। कुट्टा ऐसे भाग रहा था जैसे ओलंपिक की तैयारी कर रहा हो। लेकिन आम का वजन और उसकी किस्मत—दोनों भारी पड़ गए। आखिरकार दुकान वालों ने उसे धर दबोचा।
कुट्टा नीचे बैठ गया, मासूम आँखें बनाईं, जैसे कह रहा हो,
“भैया… बस टेस्ट कर रहा था, मीठे हैं या नहीं!”
दुकानदार हँस पड़ा और बोला,
“चल कोई बात नहीं, अगली बार पैसे लेकर आना।”
कुट्टा आम छोड़कर दुम हिलाता हुआ चला गया…
और पूरे बाज़ार में उस दिन से उसका नाम पड़ गया —
‘आमचोर बाबू’ 😂🍋