एक गाँव में हर शाम बिजली चली जाती थी। लोग अँधेरे में जल्दी सो जाते थे।
एक दिन छोटी सी गुड़िया ने अपनी माचिस जलाई और एक नन्हा-सा दीपक जला दिया।
उसकी हल्की रोशनी में उसकी माँ सिलाई करने लगी, भाई पढ़ने लगा,
और पड़ोस की दादी मुस्कुरा उठीं।
किसी ने कहा, “इतनी छोटी रोशनी क्या करेगी?”
गुड़िया बोली, “अँधेरा तो पूरा है,
पर रोशनी छोटी होने से कम नहीं हो जाती।”
उस दिन गाँव ने सीखा—
बड़ा बदलाव हमेशा छोटी कोशिश से शुरू होता है। 🌟
अगर आप चाहें, मैं कहानी बच्चों के लिए, प्रेरणादायक, या मज़ेदार अंदाज़ में भी लिख सकता हूँ।