दो बंदर इंसानों के बीच रहते थे। उन्होंने इंसानों जैसे कपड़े पहन रखे थे, लेकिन उनके कपड़े बहुत पुराने और फटे हुए थे। लोग उन्हें देखकर हँसते थे, पर उन बंदरों की आँखों में एक अलग ही कहानी छुपी थी। वे मेहनत करके खाना ढूंढते, कभी सड़क के किनारे बैठते तो कभी बाजार में घूमते। इंसानों के बीच रहकर भी वे अपनी पहचान और सादगी नहीं