Hardworking farmer finds and cares for an injured pigeon
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एक छोटा सा गाँव था जहाँ रामू नाम का एक गरीब लेकिन बहुत मेहनती किसान रहता था। रामू अपने खेत में दिन-रात काम करता था। एक दिन, जब वह खेत में हल चला रहा था, उसे झाड़ियों में एक घायल कबूतर मिला।
कबूतर का पंख चोटिल था और वह उड़ नहीं पा रहा था। रामू को उस पर दया आ गई। वह उसे अपने घर ले गया, उसके जख्म साफ किए, पट्टी बांधी और उसे अनाज के दाने खिलाए।
एक गहरा रिश्ता
धीरे-धीरे कबूतर ठीक हो गया, लेकिन वह रामू को छोड़कर कहीं नहीं गया। जब भी रामू खेत में काम करता, कबूतर उसके कंधे पर बैठ जाता या आसपास के पेड़ों पर उड़ता रहता। रामू उसे प्यार से 'शेरू' बुलाता था। वे दोनों पक्के दोस्त बन गए थे।
मुसीबत का वक्त
एक साल गाँव में भयानक सूखा पड़ा। रामू की फसल सूखने लगी और उसके पास पीने का पानी भी खत्म होने लगा। रामू बहुत परेशान था और उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह अपनी फसल कैसे बचाए।