Hardworking farmer plowing a village field at dawn
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एक गाँव में एक मेहनती किसान रामू रहता है, जो सुबह सूरज निकलने से पहले ही अपने बैलों के साथ खेत पर जाता है। वह बैलों को हल में जोतता है और खेत की मिट्टी पलटना शुरू करता है। रामू पसीना बहाते हुए पूरे मन से हल चलाता है, जिससे खेत की मिट्टी सोना उगलने को तैयार हो जाती है। वह कहता है, "मेहनत कभी बेकार नहीं जाती"। कुछ महीनों बाद, रामू के खेत में लहलहाती फसल तैयार हो जाती है, और वह अपने परिवार के साथ बहुत खुश होता है।