Mutiger Soldat steht nachts Wache auf verschneitem Berg
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एक वीर फौजी जिसका नाम अर्जुन था, बर्फीली पहाड़ियों पर तैनात था। रात का समय था और चारों तरफ सन्नाटा पसरा हुआ था, लेकिन उसे पता था कि दुश्मन कभी भी हमला कर सकते हैं। उसकी आँखों में हिम्मत और दिल में देश के लिए जुनून था।
अचानक झाड़ियों के पीछे से हलचल हुई। अर्जुन तुरंत सतर्क हो गया। उसने अपनी राइफल संभाली और धीरे-धीरे आगे बढ़ा। तभी दुश्मनों ने हमला कर दिया। गोलियों की आवाज़ से पूरा इलाका गूंज उठा। अर्जुन बिना डरे जवाबी फायरिंग करने लगा। उसकी हर गोली सटीक निशाने पर लग रही थी।
उसके साथी भी उसके साथ आ गए और मिलकर उन्होंने दुश्मनों को पीछे धकेलना शुरू कर दिया। ठंडी हवा, अंधेरा और खतरनाक हालात—सब कुछ उनके हौसले के आगे छोटा पड़ गया। अर्जुन ने अपनी बहादुरी से कई दुश्मनों को ढेर कर दिया।
आखिरकार दुश्मन हार मानकर भाग गए। सुबह की पहली किरण के साथ जीत की खुशी हर चेहरे पर थी। अर्जुन ने आसमान की ओर देखा और मन ही मन कहा, “यह जीत मेरे देश के नाम