Illustration eines Bauern mit einem Huhn, das goldene Eier legt
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अब मुर्गी रोज़ एक सोने का अंडा देने लगी। धीरे-धीरे किसान अमीर बनने लगा। लेकिन कुछ समय बाद वह लालची हो गया। उसने सोचा, “अगर मुर्गी के पेट में बहुत सारे सोने के अंडे होंगे, तो मैं उन्हें एक साथ निकाल लूँगा और बहुत जल्दी बहुत अमीर बन जाऊँगा।”
लालच में आकर किसान ने मुर्गी को मार दिया। लेकिन जब उसने मुर्गी का पेट खोला, तो अंदर कोई सोने के अंडे नहीं थे। अब उसके पास न मुर्गी बची और न ही सोने के अंडे।
किसान अपनी गलती पर बहुत पछताया, लेकिन अब बहुत देर हो चुकी थी।
सीख:
लालच बुरी बला है। हमें धैर्य और संतोष रखना चाहिए।