Sanfter Elefant rettet einen Bären im Sturm des tiefen Waldes
Eingabeaufforderung
घने जंगल में एक विशाल हाथी रहता था, उसका नाम था “गजराज”।
वह बहुत ताकतवर था, लेकिन दिल से बेहद शांत और दयालु था। उसी जंगल में एक भालू भी रहता था, जिसका नाम “भोलू” था। भोलू हमेशा मज़ाक करता और जंगल के जानवरों को हँसाता रहता था।
एक दिन जंगल में भयंकर तूफ़ान आया। तेज़ बारिश और हवा से पेड़ गिरने लगे। भोलू एक गहरे गड्ढे में फँस गया। उसने ज़ोर से मदद के लिए आवाज़ लगाई।
“बचाओ! कोई मुझे बाहर निकालो!”
उसकी आवाज़ सुनकर गजराज दौड़ता हुआ आया। उसने अपनी लंबी सूँड़ गड्ढे में डाली और बोला, “डर मत दोस्त, मैं यहाँ हूँ।”
भोलू ने सूँड़ पकड़ी, और गजराज ने पूरी ताकत लगाकर उसे बाहर निकाल लिया। भोलू की आँखों में खुशी के आँसू आ गए।
उस दिन के बाद दोनों सबसे अच्छे दोस्त बन गए।
गजराज अपनी ताकत से सबकी रक्षा करता, और भोलू अपनी हँसी से सबको खुश रखता।
जंगल के जानवर कहते थे — “सच्ची दोस्ती ताकत और मज़ाक नहीं देखती, बस दिल देखती है।”