Chien solitaire assis dans une rue calme d’une petite ville
Prompt
एक छोटे से शहर में एक कुत्ता और एक बंदर रहते थे। कुत्ते का नाम था मोती और बंदर का नाम था कालू। दोनों बहुत अच्छे दोस्त थे। वे रोज़ साथ खेलते, खाना ढूंढते और एक-दूसरे का साथ कभी नहीं छोड़ते।
एक दिन कुछ इंसानों ने कालू को पकड़ लिया, क्योंकि वे उसे सर्कस में दिखाना चाहते थे। मोती ने बहुत भौंक-भौंक कर लोगों को रोका, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी। कालू डर के मारे रो रहा था और मोती बेबस होकर उसे जाते देख रहा था।
उस दिन के बाद मोती हर रोज़ उसी जगह बैठ जाता, जहाँ से कालू को ले जाया गया था। वह खाना भी कम खाने लगा और हमेशा उदास रहने लगा। इंसानों के बीच रहते हुए भी उसे अब अकेलापन महसूस होता था।
कुछ दिनों बाद, मोती बीमार पड़ गया। उसने आखिरी बार आसमान की ओर देखा, जैसे अपने दोस्त कालू को याद कर रहा हो। और धीरे-धीरे उसने अपनी आँखें बंद कर लीं।
उधर, कालू सर्कस में लोगों का मनोरंजन करता था, लेकिन उसके चेहरे की मुस्कान नकली थी। उसका दिल हमेशा अपने दोस्त मोती के पास ही था।
सीख: इंसानों को जानवरों की भावनाओं को समझना चाहिए, क्योंकि वे भी सच्चे दिल