Homme assis seul dans sa chambre à minuit avec son téléphone
Prompt
रात के 12 बजे थे। राहुल अपने कमरे में अकेला बैठा मोबाइल चला रहा था। बाहर तेज हवा चल रही थी और बिजली भी बार-बार जा रही थी।
अचानक उसके फोन पर एक अनजान नंबर से कॉल आया।
राहुल ने सोचा, “इतनी रात को कौन कॉल कर रहा है?”
उसने कॉल उठाई।
फोन के दूसरी तरफ से धीमी आवाज आई—
“खिड़की के बाहर मत देखना…”
राहुल डर गया। उसने पूछा, “कौन बोल रहा है?”
लेकिन कॉल कट गया।
कुछ मिनट बाद फिर कॉल आया।
इस बार आवाज आई—
“मैं तुम्हारे घर के बाहर खड़ा हूँ…”
राहुल का दिल जोर-जोर से धड़कने लगा। उसने हिम्मत करके खिड़की की तरफ देखा… लेकिन बाहर कोई नहीं था।
तभी उसके कमरे का दरवाज़ा अपने आप धीरे-धीरे खुलने लगा…
और फोन फिर बजा।
कांपते हाथों से उसने कॉल उठाया।
आवाज आई—
“मैं बाहर नहीं… तुम्हारे पीछे खड़ा हूँ…”
राहुल धीरे-धीरे पीछे मुड़ा… और अचानक कमरे की लाइट बंद हो गई!
अगली सुबह… राहुल का फोन बिस्तर पर मिला, लेकिन राहुल कभी नहीं मिला… 😱