Armer Dorfjunge steht tapfer an der Seite seiner Mutter
Eingabeaufforderung
एक गरीब लड़का, हलाक, अपनी माँ के साथ एक छोटे से गाँव में रहता था। उसकी माँ दिन-रात मेहनत करती ताकि हलाक पढ़ सके और अच्छा इंसान बने। हलाक भी अपनी माँ की तकलीफ समझता था और पढ़ाई में मन लगाता था। गाँव में बाढ़ आ गई, लेकिन हलाक ने हिम्मत नहीं हारी। उसने अपनी माँ और पड़ोसियों को सुरक्षित जगह तक पहुँचाया। उसकी समझदारी और साहस से सबकी जान बच गई। उस दिन उसकी माँ की आँखों में गर्व के आँसू थे। हलाक ने साबित कर दिया कि मेहनत और हिम्मत से सब संभव है।