Monos juguetones apilados en un bosque verde y frondoso
Prompt
🐒🐕 सौ से ढेर सवारी
एक घने जंगल में बहुत सारे बंदर रहते थे। वे हमेशा मस्ती करते, पेड़ों पर कूदते-फांदते और एक-दूसरे से शरारतें करते थे। उसी जंगल के किनारे एक कुत्ता भी रहता था, जिसका नाम था शेरू। शेरू बहुत समझदार और शांत स्वभाव का था।
एक दिन बंदरों के सरदार ने कहा,
“हम इतने सारे हैं, क्यों न आज हम ‘सौ से ढेर सवारी’ खेलें!”
सब बंदर खुश हो गए और खेल शुरू हो गया। नियम था कि एक बंदर दूसरे के ऊपर चढ़ेगा, फिर तीसरा, फिर चौथा… ऐसे करते-करते एक लंबी ‘सवारी’ बनानी थी।
धीरे-धीरे बंदर एक-दूसरे के ऊपर चढ़ते गए। देखते ही देखते 10, 20, 50… और फिर 100 से भी ज्यादा बंदर एक लंबी लाइन में बन गए! सभी हंस रहे थे और मजा कर रहे थे।
तभी शेरू कुत्ता वहां आया और यह अजीब नज़ारा देखकर हँस पड़ा। उसने कहा,
“अरे भाई! ये क्या कर रहे हो तुम लोग?”
बंदर बोले,
“हम सौ से ढेर सवारी बना रहे हैं! देखो, हम कितने मजेदार हैं!”
शेरू ने थोड़ा सोचा और बोला,
“मस्ती करना अच्छा है, लेकिन ध्यान रखना कि कोई गिर न जाए।”
इतना सुनते ही सबसे नीचे वाला बंदर थोड़ा हिल गया… और फिर क्या!
धड़ाम! पूरी ‘सवारी’ एक साथ गिर गई!
सब बंदर एक-दूसरे पर गिर पड़े और “ओह-ओह!” करने लगे। लेकिन किसी को ज्यादा चोट नहीं आई। थोड़ी देर बाद सब हँसने लगे।
बंदरों के सरदार ने कहा,
“शेरू सही कह रहा था। हमें मस्ती के साथ सावधानी भी रखनी चाहिए।”
उस दिन के बाद से बंदर खेल तो खेलते थे, लेकिन समझदारी के साथ।